
ॐ ऐम ह्रीम क्लीम् चामुण्डाये विच्चे अमुकं विद्वेषणम् कुरु कुरु स्वाहा ( वेदोक्त )
ॐ ऐंग ह्रींग क्लींग चामुण्डाये विच्चे अमुकं विद्वेषणम् कुरु कुरु स्वाहा ( तंत्रोक्त )
ॐ ऐंग ह्रींग क्लींग चामुण्डाये विच्चे अमुकं विद्वेषणम् कुरु कुरु स्वाहा ( तंत्रोक्त )

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