नवार्ण स्तम्भन मंत्र

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ॐ ठंम् ठंम् ऐम ह्रीम क्लीम् चामुण्डाये विच्चे अमुकं ह्रीम वाचम मुखंम् पदम स्तम्भय ह्रीम जिह्वा कीलय ह्रीम बुद्धि विनाशय विनाशय ह्रीम् ॐ ठंम् ठंम् स्वाहा ( वेदोक्त )

ॐ ठंग ठंग ऐंग ह्रींग क्लींग चामुण्डाये विच्चे अमुकं ह्रींग वाचम मुखंम् पदम स्तम्भय ह्रींग जिह्वा कीलय ह्रींग  बुद्धि विनाशय विनाशय ह्रींग ॐ ठंग ठंग स्वाहा ( तंत्रोक्त )   

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Greetings! Love and Light from Aastha Musings~

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