
ओम ऐंग ह्रींग क्लींग चामुण्डाये विच्चे ओम ह्रींग श्रींग कांसोस्मिताम हिरण्य प्राकारा मार्द्राज्वलंतीम तृप्ताम् तर्पयन्तीम् पद्मेस्थितांम् पद्मवर्णा तामिहोपहवये श्रियम ओम ह्रींग श्रींग क्लींग ओम ह्रींग श्रींग क्लींग दुर्गा स्मृता हरसि भीतिमशेष जंतो: स्वस्थे: स्मृतामति मतीव शुभांम् ददासि यदंति यच्च दूरके भयंम् विन्दति मामिह पवमान वितज्जहि दारिद्र्य दुःख भयहारिणी का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द चित्ता ओम ह्रींग श्रींग क्लींग ओम ह्रींग श्रींग क्लींग कांसोस्मिताम हिरण्य प्राकारा मार्द्राज्वलंतीम तृप्ताम् तर्पयन्तीम् पद्मेस्थितांम् पद्मवर्णा तामिहोपहवये श्रियम ओम ह्रींग श्रींग क्लींग चामुण्डाये विच्चे

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