
ॐ हूंम् गं ग्लौंम् हरिद्रा गणपतये वरवरद सर्वजन हृदयंम् स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा ( वेदोक्त )
ॐ हूँग गंग ग्लौंग हरिद्रा गणपतये वरवरद सर्वजन हृदयंम् स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा ( तंत्रोक्त )
ॐ हूँग गंग ग्लौंग हरिद्रा गणपतये वरवरद सर्वजन हृदयंम् स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा ( तंत्रोक्त )

Greetings! Love and Light from Aastha Musings~