
ॐ क्रांम् क्रांम् क्रांम् धूम्रसारी बदाक्षंम् विजयति जयति ओंम् स्वाहा ( वेदोक्त )
ॐ क्रांग् क्रांग् क्रांग् धूम्रसारी बदाक्षंम् विजयति जयति ओंग् स्वाहा ( तंत्रोक्त )
ॐ क्रांग् क्रांग् क्रांग् धूम्रसारी बदाक्षंम् विजयति जयति ओंग् स्वाहा ( तंत्रोक्त )

Greetings! Love and Light from Aastha Musings~