
ॐ ह्रीम बगलामुखी सर्वदुष्टानाम् वाचम्मुखम् स्तंभय जिह्वा कीलय कीलय बुद्धि विनाशय ह्रीम ॐ स्वाहा ( वेदोक्त )
ॐ ह्रींग बगलामुखी सर्वदुष्टानाम् वाचम्मुखम् स्तंभय जिह्वा कीलय कीलय बुद्धि विनाशय ह्रींग ॐ स्वाहा ( तंत्रोक्त )
ॐ ह्रींग बगलामुखी सर्वदुष्टानाम् वाचम्मुखम् स्तंभय जिह्वा कीलय कीलय बुद्धि विनाशय ह्रींग ॐ स्वाहा ( तंत्रोक्त )

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