विविध उपद्रवों से बचने के लिये दुर्गा मंत्र

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रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र, दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम्
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